स्वागत हे, सोमवार, नवंबर 19, 2018

भाषायें

कार्पोरेट शासन

कार्पोरेट शासन का दर्शन

कार्पोरेट शासन अनि‍वार्यत वह प्रणाली है जो इसके शेयर धारकों और अन्‍य के सर्वोत्‍तम हि‍त में इसके कार्यों को संभालने में कम्‍पनी के प्रबंधन का मार्गनि‍र्देशन करती है और नि‍र्देश देती है । कार्पोरेट शासन जि‍सका लक्ष्‍य प्रबंधन की उपयुक्‍तता, पारदर्शिता और एकता का संवर्द्धन है, न केवल एक वि‍धि‍क अनि‍वार्यता है बल्‍कि‍ जीवन का एक दृष्‍टि‍कोण है जो कम्‍पनी के लि‍ए नि‍वेशकों के आत्‍मवि‍श्‍वास और प्रति‍बद्धता को प्रेरि‍त और मजबूत करने में मदद करता है ।

स्‍टॉक एक्‍सचेंज में सूचीबद्धता करार का खंड 49 जो कार्पोरेट शासन को देखता है और नीति‍गत स्‍वस्‍थ और व्‍यावसायि‍क आचार पर जोर देते हुए पारदर्शिता, वि‍श्‍वास, एकता, जि‍म्‍मेदारी, उत्‍तरदायि‍ता के उच्‍च मानदण्‍डों को प्राप्‍त करने के सार्वजनि‍क उद्यमों के वि‍भाग (डीपीई) द्वारा जारी केन्‍द्रीय सार्वजनि‍क क्षेत्र के उद्यमों हेतु कार्पोरेट शासन पर मार्गनि‍र्देश भी रेखांकि‍त करता है ।

एसटीसी का इसमें वि‍श्‍वास है कि‍ कार्पोरेट शासन कि‍सी भी कम्‍पनी के दैनि‍क कार्यों में सर्वांगीण सक्षमता हेतु एक उपयोगी तत्‍व है जो इसके सभी शेयरधारकों हेतु मूल्‍यों के वि‍स्‍तार के लि‍ए आवश्‍यक है । यह इस प्रकार की कार्पोरेट प्रक्रि‍याओं को अपनाने का प्रयास करता है जो पारदर्शिता और उपयुक्‍त प्रकटनों पर आधारि‍त है तथा प्रमुख स्‍थि‍ति‍यों के व्‍यक्‍ति‍यों की जि‍म्‍मेदारी सुनि‍श्‍चि‍त करता है, जि‍सके द्वारा नि‍वेशकों, ग्राहकों, क्रेडि‍टर्स, कर्मचारि‍यों और समाज को लाभ पहुँचाता है ।

कम्‍पनी उत्‍तम कार्पोरेट प्रक्रि‍याओं के प्रति‍ प्रति‍बद्ध है और इनके संवर्द्धन के लि‍ए नि‍रंतर प्रयास करती है ।